
Paulo Coelho
पाउलो कोएल्हो का कालजयी उपन्यास 'द अल्केमिस्ट', सैंटियागो नामक एक अंदालुसियन गड़ेरिये की काल्पनिक और दार्शनिक यात्रा का वर्णन करता है, जो खजाने की खोज में निकलता है। मुख्य रूप से 'पर्सनल लेजेंड' (व्यक्तिगत किंवदंती) की अवधारणा पर आधारित, यह कृति अपने सपनों का पीछा करने, अपने दिल की सुनने और दुनिया की आत्मा के साथ सामंजस्य बिठाकर जीने का समर्थन करती है।
अपनी 'व्यक्तिगत नियति' (पर्सनल लेजेंड) को पाने के सफर पर निकले सैंटियागो का अपने डर, हार मान लेने की इच्छा, अस्थायी सुख-सुविधाओं (भेड़ों, व्यापारी की दुकान, प्रेम) के प्रति मोह और उसकी आत्मा की सार्वभौमिक सत्य को जानने की प्यास के बीच का अनवरत संघर्ष।
स्पेन का अंदालूसिया क्षेत्र (तारिफा), जिब्राल्टर जलडमरूमध्य का तंजियर शहर (मोरक्को), सहारा रेगिस्तान, मिस्र का फयूम नखलिस्तान और अंततः गीज़ा के पिरामिड।
यद्यपि कोई निश्चित तिथि नहीं बताई गई है, यह आधुनिक काल से पूर्व का एक उदासीन और पौराणिक अतीत का दौर है, जहाँ तलवारों, ऊँटों, रेगिस्तानी बद्दू जनजातियों और प्राचीन अंदालूसी-अरब सांस्कृतिक प्रतीकों का प्रभुत्व है।
एक रहस्यमयी, दार्शनिक, आध्यात्मिक, काव्यात्मक और रोमांच से परिपूर्ण वातावरण। विश्व के अजूबों, रेगिस्तानों, तारों और नखलिस्तानों (ओएसिस) के संगम से बना एक जादुई यथार्थवादी ताना-बाना, जो काल्पनिक होते हुए भी गहन वास्तविकता का आभास कराता है।
सर्वज्ञ तृतीय-पुरुष (थर्ड-पर्सन) कथावाचक, जो पूरी तरह से मुख्य पात्र सैंटियागो के अनुभवों, आंतरिक द्वंद्वों और अंतर्दृष्टि पर केंद्रित रहता है।
ब्रह्मांड की प्रत्येक वस्तु (खनिज, पशु, मनुष्य, तारे) 'ब्रह्मांड की आत्मा' नामक एक संपूर्ण इकाई का हिस्सा है। पूरे विश्व में एक साझा 'सार्वभौमिक भाषा' विद्यमान है, जो मौन और प्रकृति की घटनाओं में छिपी हुई है। जब कोई मनुष्य अपनी 'व्यक्तिगत नियति' (अपने सबसे गहरे सपने) को पूरा करना चाहता है, तो संपूर्ण कायनात उसकी सहायता के लिए षड्यंत्र रचती है। जीवन व्यक्ति को अनुसरण करने के लिए 'संकेत' भेजता है; इन संकेतों को समझने के लिए दिल की आवाज़ सुनना और भय को त्यागना अनिवार्य है।
इस्लामी और अरबी संस्कृति के रहस्यवाद तथा ईसाई व स्पेनिश चरवाहा संस्कृति का अनूठा संगम, जहाँ प्राचीन कीमियागरी (अल्केमी) की परंपराएँ सार्वभौमिक दर्शन से मिलती हैं। इसमें धर्मों के बाहरी कर्मकांडों की तुलना में आस्था के मूल तत्व 'ईश्वरीय एकता' पर बल दिया गया है।
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कीमियागर एक सर्वज्ञ और मार्गदर्शक ज्ञानी की भूमिका में है, जबकि सैंटियागो परीक्षाओं के माध्यम से सीखने वाला शिष्य है। कीमियागर सैंटियागो के भीतर पहले से मौजूद ज्ञान को उजागर करता है और उसे अपने भयों का सामना करने के लिए प्रेरित करता है।
कीमियागर ने सैंटियागो को रेगिस्तान में आँधी का रूप धारण करने का आदेश देकर उसके जीवन की परीक्षा ली और उसे उसकी आंतरिक शक्ति का अहसास कराया।
यह रिश्ता सम्मान, अगाध समर्थन और विश्वास पर आधारित है। रेगिस्तान की बेटी होने के कारण फ़ातिमा प्रतीक्षा के महत्व को समझती है, और सैंटियागो के पास एक ऐसा आश्रय है जहाँ अपने लक्ष्य को पाने के बाद उसका लौटना तय है। उनका प्रेम उसकी नियति के मार्ग में बाधा नहीं, बल्कि संबल है।
फ़ातिमा, सैंटियागो को खोने के जोखिम के बावजूद, चाहती है कि वह रेगिस्तान में अपनी यात्रा जारी रखे और अपने खज़ाने की खोज करे।
मेल्कीसेदेक एक वृद्ध और प्रबुद्ध व्यक्तित्व हैं, जो सैंटियागो के मन में अधिक जानने और पाने की चिंगारी जगाते हैं। वह थोड़े समय के लिए ही सामने आते हैं, परंतु सैंटियागो की पूरी यात्रा का आधारभूत दर्शन तैयार करते हैं।
वह पहले व्यक्ति हैं जिन्होंने सैंटियागो को उसकी व्यक्तिगत नियति के बारे में बताया और मार्ग में निर्णय लेने के लिए उसे ऊरीम और थुम्मीम नामक पत्थर दिए।
व्यापारी यथास्थिति और भय का प्रतीक है, जबकि सैंटियागो नवीनता और प्रगति का प्रतिनिधित्व करता है। जहाँ सैंटियागो दुकान में नई जान फूँककर व्यापारी को समृद्ध बनाता है, वहीं व्यापारी अनजाने में सैंटियागो को अपनी यात्रा फिर से शुरू करने का धैर्य प्रदान करता है।
व्यापारी ने शुरू में शोकेस साफ करने और चाय बेचने के सैंटियागो के विचारों का विरोध किया, लेकिन बाद में उन्हें स्वीकार कर लिया और दोनों के बीच एक आत्मीय रिश्ता बन गया।
दोनों एक ही खज़ाने या ज्ञान की खोज में हैं, परंतु उनके रास्ते अलग हैं। अंग्रेज़ पूरी तरह किताबों और सैद्धांतिक ज्ञान पर निर्भर है, जबकि सैंटियागो जीवन, प्रकृति और रेगिस्तान की व्यावहारिक भाषा पर भरोसा करता है। वे दोनों एक-दूसरे से प्रेरणा लेते हैं।
रास्ते में उन्होंने एक-दूसरे को अवलोकन और किताबों की शक्ति को परखने की सलाह दी थी।
अंग्रेज़ के लिए कीमियागर एक ऐसे आदर्श की तरह है जिस तक पहुँचना उसका लक्ष्य है; परंतु कीमियागर अंग्रेज़ के वर्षों के अध्ययन को अधूरा पाता है और उसे पहले अभ्यास की ओर धकेलते हुए खुद ही सीसा पिघलाने के लिए भेज देता है।
कीमियागर ने अंग्रेज़ से उसके सिद्धांतों के बारे में पूछने के बजाय 'जाओ और अपनी भट्टी में प्रयास करो' कहकर उसे झकझोर दिया था।
ऊँट वाला एक साधारण लेकिन ज्ञानी मार्गदर्शक है, जो पिछली त्रासदियों (खेतों में बाढ़ आने) से सीख लेकर सैंटियागो को वर्तमान में जीना सिखाता है और उसे पूरब की संस्कृति से परिचित कराता है।
ऊँट वाले ने रेगिस्तान में मौत के खतरे के बीच भी सैंटियागो को 'मैं केवल वर्तमान में जीता हूँ' कहकर न डरने की सीख दी थी।
जिप्सी महिला वह पहली प्रेरक शक्ति है जिसने सैंटियागो के सपने को साकार रूप देकर उसे मिस्र की ओर निर्देशित किया, लेकिन सैंटियागो उसके अविश्वसनीय और स्वार्थी स्वभाव को भांपकर सतर्क रहता है।
यदि खज़ाना मिल जाए तो उसका दसवां हिस्सा देने के लिए कसम खिलवाने पर सैंटियागो को हुई निराशा।