
Marc J. Seifer
निकोला टेस्ला के जीवन और रहस्यों की गहराई से जांच करने वाला सबसे महत्वपूर्ण कार्य, जो एक व्याख्या और जीवनी दोनों के रूप में कार्य करता है, मार्क जे. साइफर द्वारा लिखित पुस्तक 'विजार्ड: द लाइफ एंड टाइम्स ऑफ निकोला टेस्ला' है। टेस्ला के स्वयं के वृत्तांत के लिए, आप 'माई इन्वेंशन्स: द ऑटोबायोग्राफी ऑफ निकोला टेस्ला' (मेरी खोजें: निकोला टेस्ला की आत्मकथा) कार्य का संदर्भ ले सकते हैं।
मानवता के सार्वभौमिक कल्याण के लिए प्रकृति के रहस्यों को सुलझाने और विशाल प्रणालियाँ स्थापित करने के निकोला टेस्ला के निस्वार्थ जुनून तथा मुनाफ़े, पेटेंट एकाधिकार और व्यावहारिकता पर केंद्रित उनके प्रतिस्पर्धियों एवं वित्तपोषकों की साज़िशों से भरी निर्मम दुनिया के बीच का अनवरत जीवन-संघर्ष।
शुरुआत में क्रोएशिया, ऑस्ट्रिया, प्राग और पेरिस; किंतु कहानी का मुख्य केंद्र संयुक्त राज्य अमेरिका है (न्यूयॉर्क, पिट्सबर्ग, शिकागो, नियाग्रा और कोलोराडो)।
19वीं सदी की अंतिम तिमाही से लेकर 20वीं सदी का पूर्वार्ध (मुख्य रूप से 1856 से 1943 के बीच का गिल्डेड एज यानी स्वर्णिम युग का दौर)।
वैज्ञानिक खोजों का रोमांच, तकनीकी क्रांति का वैभव और साथ ही क्रूर व्यावसायिक प्रतिस्पर्धा से उत्पन्न तनावपूर्ण, अकादमिक और कहीं-कहीं अंधकारमय माहौल।
लेखक मार्क जे. सीफ़र द्वारा प्रस्तुत एक खोजी, वस्तुनिष्ठ, जीवनीपरक, ऐतिहासिक और यत्र-तत्र मनो-ऐतिहासिक गहराई प्रदान करने वाला तृतीय-पुरुष अकादमिक कथावाचक।
आविष्कारों को मूल्यवान बनने और साकार होने के लिए पेटेंट कराया जाना, दिग्गज कंपनियों द्वारा अपनाया जाना और शक्तिशाली वित्तपोषकों द्वारा समर्थित होना अनिवार्य है। केवल प्रतिभा का होना जीवित रहने के लिए पर्याप्त नहीं है; निर्मम पूंजीवादी चालें, अदालत के कमरे और जनमत का हेरफेर विज्ञान की दिशा तय करते हैं।
औद्योगिक क्रांति के अंतिम चरण यानी विद्युत युग की दहलीज। अमेरिका में एडिसन, वेस्टिंगहाउस और जे.पी. मॉर्गन जैसे दिग्गजों द्वारा उद्योग पर एकाधिकार जमाने वाला 'गिल्डेड एज' (स्वर्णिम युग) का पूंजीवाद व्याप्त है। पृष्ठभूमि में अमेरिका में पैर जमाने की प्रवासियों की जद्दोजहद और यूरोप की अभिजात्य अकादमिक परंपरा तथा अमेरिकी व्यावहारिकता के बीच का टकराव मौजूद है।
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शुरुआत में यह गुरु (एडिसन) और शिष्य (टेस्ला) के रिश्ते के रूप में शुरू होता है। लेकिन दृष्टिकोण में भिन्नता और एडिसन द्वारा वित्तीय वादों को पूरा न करने के कारण यह संबंध टूट जाता है। इसके बाद, 'करंट्स का युद्ध' (विद्युत युद्ध: एसी बनाम डीसी) में यह एक निर्मम और नैतिक सीमाओं को लांघने वाली प्रतिद्वंद्विता (दुष्प्रचार, मृत्युदंड के तख्तों) में बदल जाता है।
एडिसन द्वारा टेस्ला को वादा किए गए 50 हज़ार डॉलर न देना और 'तुम हमारा अमेरिकी हास्य नहीं समझते' कहकर बात टाल देना, तथा बाद में एसी को रोकने के लिए बिजली से मृत्युदंड देने का अभियान शुरू करना।
वेस्टिंगहाउस एक दूरदर्शी पूंजीपति हैं जो टेस्ला के आविष्कारों के व्यावसायिक मूल्य और महत्व को समझते हैं, तथा उन्हें वित्तपोषण और सम्मान प्रदान करते हैं। यद्यपि वित्तीय दृष्टि से शक्ति का संतुलन वेस्टिंगहाउस के पक्ष में है, फिर भी तकनीकी प्रतिभा के प्रति उनके सम्मान के कारण वे एक-दूसरे पर निर्भर हैं। जब कंपनी संकट में आती है, तो टेस्ला बलिदान देते हैं।
वेस्टिंगहाउस की कंपनी जब डूबने की कगार पर थी, तब टेस्ला द्वारा अपने हाथों से अनुबंध फाड़कर लाखों डॉलर की रॉयल्टी छोड़ने का कथित ऐतिहासिक क्षण।
कठोर, धार्मिक कर्तव्यों के प्रति समर्पित और बौद्धिक प्रवृत्ति के मिलुटिन चाहते हैं कि उनका बेटा पादरी बने। सत्ता का संतुलन सत्तावादी पिता के हाथ में है, लेकिन टेस्ला ज़िद के साथ इंजीनियरिंग चुनते हैं। मृत्यु शैया पर टेस्ला की बीमारी उनके हाथ में सबसे बड़ा भावनात्मक साधन (ब्लैकमेल) बन जाती है और पिता को मना लेती है।
टेस्ला के गंभीर रूप से बीमार होने पर यह कहना कि यदि उन्हें इंजीनियरिंग पढ़ने की अनुमति दी जाए तो वे ठीक हो जाएंगे, जिसके बाद उनके पिता का आंसुओं के साथ यह शर्त स्वीकार कर लेना।
एडिसन की कंपनियों और वेस्टिंगहाउस की कंपनियों के बीच 'करंट्स का युद्ध' (विद्युत युद्ध) छिड़ जाता है। जहाँ वेस्टिंगहाउस अभिनव (एसी) तकनीक को कम कीमत पर पेश करते हैं, वहीं एडिसन अपनी बाज़ार हिस्सेदारी बचाने के लिए सरकार-समर्थित डराने-धमकाने की रणनीतियाँ अपनाते हैं। तनाव चरम पर होता है।
वेस्टिंगहाउस की प्रत्यावर्ती धारा (एसी) को बदनाम करने के लिए एडिसन द्वारा हेरोल्ड ब्राउन के माध्यम से जानवरों और फिर मनुष्यों को बिजली की कुर्सी पर एसी करंट से मृत्युदंड दिलवाना।
बैचलर वे मुख्य सेतु हैं जिन्होंने यूरोप में टेस्ला की प्रतिभा को पहचाना और उन्हें अमेरिका में एडिसन के पास भेजा। यह रिश्ता एक प्रतिभाशाली कर्मचारी के प्रति सम्मान पर आधारित है, लेकिन अंततः बैचलर एडिसन के संस्थागत वफादार हैं।
बैचलर द्वारा एडिसन को लिखा गया प्रसिद्ध सिफ़ारिशी पत्र: 'मैं दो महान व्यक्तियों को जानता हूँ। एक आप हैं, और दूसरा यह नौजवान।'
मार्टिन एक महत्वपूर्ण व्यक्ति हैं जिन्होंने टेस्ला के आविष्कारों को जनता के सामने पेश किया, उनकी पुस्तकों का संपादन एवं प्रकाशन किया, और टेस्ला का उच्च समाज से परिचय कराया। हालांकि, समय के साथ टेस्ला के वहम (पैरानोइया) और वित्तीय तनाव उनके बीच दूरियाँ पैदा कर देंगे।
मार्टिन द्वारा संपादित प्रतिष्ठित पत्रिकाओं में टेस्ला के प्रत्यावर्ती धारा (एसी) और वायरलेस ट्रांसमिशन आविष्कारों की सराहना और बचाव करते हुए अनगिनत संपादकीय लिखना।
मॉर्गन के पास पूर्ण वित्तीय शक्ति है। वह टेस्ला की दूरदर्शी (किंतु अत्यंत खर्चीली) परियोजनाओं के समक्ष एक व्यावहारिक और लाभ-केंद्रित दृष्टिकोण अपनाता है। इस संबंध में शक्ति का एक भयानक विषम संतुलन और संवादहीनता है।
मॉर्गन द्वारा वॉर्डनक्लिफ टॉवर का वित्तपोषण रोक देना और टेस्ला की निःशुल्क वैश्विक ऊर्जा की परिकल्पना को अव्यवसायिक मानकर उसे बीच रास्ते में बेसहारा छोड़ देना।
दोनों ही सर्बियाई मूल के हैं। शुरुआत में एक ही अकादमिक और सामाजिक परिवेश में होने के बावजूद, प्यूपिन समय के साथ मार्कोनी और एडिसन का पक्ष लेते हुए टेस्ला के सिद्धांतों का खंडन करने या उनकी उपेक्षा करने का प्रयास करता है। उनके बीच एक गुप्त ईर्ष्या और प्रतिष्ठा की होड़ मौजूद है।
प्यूपिन द्वारा अमेरिकी पेटेंट कार्यालय और अदालतों में टेस्ला के बजाय मार्कोनी के वायरलेस पेटेंट का समर्थन किया जाना।