
Niccolo Machiavelli
1513 में निकोलो मैकियावेली द्वारा लिखित 'द प्रिंस', आधुनिक राजनीति विज्ञान का आधारभूत ग्रंथ है जो राजनीति को नैतिकता से अलग करता है और शक्ति-आधारित नियंत्रण की वकालत करता है। यह पुस्तक व्यावहारिक तरीकों से समझाती है कि एक राज्य की स्थापना, विस्तार और रखरखाव कैसे किया जाता है; यह शासकों को आवश्यकता पड़ने पर क्रूर और धूर्त होने की सलाह देती है।
इटली को उसकी कमज़ोर और खंडित स्थिति से उबारने के लिए विदेशी राज्यों के आक्रमणों को समाप्त करने और एक नई, स्थिर व केंद्रीकृत राज्य संरचना स्थापित करने में सक्षम एक योग्य (विर्तू-सम्पन्न) शासक के उद्भव की अनिवार्यता।
छोटे-बड़े राज्यों में विभाजित, विदेशी शक्तियों (फ्रांस, स्पेन) के हस्तक्षेप के लिए खुला ऐतिहासिक इतालवी भूगोल (फ्लोरेंस, वेनिस, मिलान, नेपल्स, पोप का राज्य)।
15वीं सदी का अंत और 16वीं सदी की शुरुआत (पुनर्जागरण काल)।
पुनर्जागरण कालीन इटली का एक क्रूर और खतरनाक शक्ति-अखाड़ा, जो षड्यंत्रों, युद्ध, विश्वासघात और राजनीतिक अस्थिरता की उथल-पुथल से भरा हुआ है, जहाँ नैतिक नियमों की जगह ठंडे व्यावहारिक यथार्थवाद ने ले ली है।
उत्तम पुरुष (स्वयं मैकियावेली) के माध्यम से आगे बढ़ता हुआ; एक प्रत्यक्ष संबोधन जो शिक्षाप्रद, विश्लेषणात्मक, भावनाहीन और नैदानिक यथार्थवाद के साथ ऐतिहासिक व समकालीन घटनाओं की पड़ताल करता है।
संसार और राज्यों पर शासन करने वाला कोई अपरिवर्तनीय नैतिक नियम नहीं है; साध्य को प्राप्त करने के मार्ग में नेता (शासक) को आवश्यकता पड़ने पर अच्छाई से विमुख होना आना चाहिए, और बुराई को समय पर तथा एक ही बार में ठंडे दिमाग से अंजाम देना चाहिए। सफलता, परिस्थितियों के बदलते स्वरूप (भाग्य/फॉर्च्युना) के अनुकूल ढलने की क्षमता (कौशल/विर्तू) और शक्ति को स्वयं शासक के हाथों में केंद्रित करने पर निर्भर करती है।
एक ऐसा संक्रमण काल जिसमें धार्मिक संस्थाएँ (पोपशाही) विशाल सांसारिक और राजनीतिक कर्ता थीं, जहाँ भाड़े के सैन्य कमांडर (कोंदोतिएरी) देशों के भाग्य का निर्धारण करते थे, और सामंती निष्ठाएँ कमज़ोर होकर राष्ट्रीय एकता स्थापित करने वाले निरंकुश राजतंत्रों का उदय हो रहा था।
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पोप और उनके महत्वाकांक्षी पुत्र के बीच का संबंध रक्त-संबंध से परे एक राज्य-निर्माण की साझेदारी है। अलेक्जैंडर चर्च के धार्मिक और सांसारिक प्रभाव का उपयोग अपने बेटे को सशक्त बनाने के एक साधन के रूप में करते हैं। वहीं सीज़रे अपने पिता के इस समर्थन के बिना शुरू न की जा सकने वाली विजय को अपनी सैन्य कुशलता से सुदृढ़ करते हैं।
जब पोप अलेक्जैंडर के पुत्र, जिन्हें लोग वालेंतिनुआ कहते थे, सीज़रे बोर्जिया ने रोमाग्ना पर कब्ज़ा किया, तब मुझे नांत में रूऑन के आर्कबिशप के साथ इस विषय पर चर्चा करने का अवसर मिला था।
शुरुआत में सीज़रे द्वारा अपनी विजयों के लिए किराए पर ली गई एक सहयोगी शक्ति, ओरसिनी परिवार, राजकुमार की लगातार बढ़ती ताकत से डरकर उसके ख़िलाफ़ गठबंधन बना लेता है। सीज़रे इस विद्रोह को दबाने के लिए उन्हें झूठा भरोसा दिलाकर एक खूनी जाल में फँसाता है। दोनों पक्षों ने अपने स्वार्थ के लिए एक-दूसरे का इस्तेमाल किया और पहला मौका मिलते ही विश्वासघात कर दिया।
ड्यूक और चर्च का उत्थान ही उनका अपना पतन साबित होगा, यह बात थोड़ी देर से ही सही लेकिन समझ आने पर ओरसिनी परिवार... ड्यूक ने उन्हें माजियोने में झूठी शांति का झांसा देकर धोखा दिया और सिनिगालिया में उनकी हत्या करवा दी।
सीज़रे रोमाग्ना में व्यवस्था स्थापित करने के लिए जानबूझकर अपने क्रूर स्वभाव वाले प्रशासक रेमिरो दे ओरको को पूर्ण अधिकार देकर नियुक्त करता है। हिंसा के बल पर व्यवस्था कायम हो जाने के बाद, जनता के आक्रोश को शांत करने के लिए वह उसके साथ विश्वासघात कर चौक में उसे मृत्युदंड दे देता है; यह अधीनता पर आधारित लेकिन एकतरफा शोषणकारी संबंध है।
फिर पहला अनुकूल अवसर मिलते ही एक सुबह चेज़ेना में उसने उसके दो टुकड़े करवा दिए और उसके शव को लकड़ी के एक टुकड़े तथा खून से सने चाकू के साथ शहर के चौक में प्रदर्शित करवा दिया।
इटली में वर्चस्व स्थापित करने के इच्छुक एक अदूरदर्शी राजा और अपने बेटे के लिए ज़मीन तलाश रहे एक चालाक पोप के बीच आपसी समझौतों पर आधारित संबंध। राजा ने महज़ एक राजनीतिक विवाह-विच्छेद फरमान हासिल करने के लिए रणनीतिक संतुलन को बिगाड़कर पोप को शक्तिशाली बनाया, जिसने इटली में फ्रांसीसी आधिपत्य के पतन को तेज़ कर दिया।
अलेक्जैंडर ने केवल इसका विरोध न करने तक ही सीमित नहीं रखा, बल्कि राजा लुई के पहले विवाह को रद्द करके काम को और आसान भी बना दिया।
इटली पर नियंत्रण के लिए संघर्षरत दो नेता। जूलियस पहले वेनिसवासियों को कुचलने के लिए फ्रांस के साथ गठबंधन करता है, और काम पूरा होते ही फ्रांसीसियों को इटली से खदेड़ने के लिए 'होली लीग' बनाकर उनकी पीठ में छुरा घोंप देता है। यह पूरी तरह से सैन्य और तात्कालिक स्वार्थ पर आधारित एक अस्थिर शक्ति संघर्ष है।
जूलियस न केवल इसी मार्ग पर चला... बल्कि उसने वेनिसवासियों को कुचलने और फ्रांसीसियों को इटली से खदेड़ने की योजना भी बनाई।
पारंपरिक चाटुकारों की झूठी प्रशंसा के बजाय कठोर यथार्थ प्रस्तुत करने वाले एक पूर्व अधिकारी और एक ऐसे शासक के बीच का संबंध जिससे उम्मीदें बंधी हैं। मैकियावेली अपने ज्ञान को प्रस्तुत करके मेदीची के दरबार में स्थान और इटली के उद्धार के लिए एक निर्णायक कदम की अपेक्षा रखता है।
किसी शासक की कृपा पाने की इच्छा रखने वालों में यह प्रथा रही है कि वे उनके समक्ष ऐसी भेंट लेकर प्रस्तुत हों जो उन्हें सबसे प्रिय हो या जिसे शासक सबसे अधिक पसंद करे... और मुझे महामहिम को अर्पित करने के लिए इससे अधिक मूल्यवान कोई उपहार नहीं मिला।
अपनी जनता से विश्वासघात करके और शहर के प्रमुख नागरिकों का नरसंहार करके सत्ता में आए एक गैर-कुलीन तानाशाह द्वारा अपनी प्रजा पर थोपा गया दमनकारी संबंध। प्रेम या सम्मान से रहित यह शासन पूरी तरह से सैन्य शक्ति और मनोवैज्ञानिक आतंक पर टिका है।
एक सुबह, अगाथोक्लेस ने सिरैक्यूज़ के लोगों और सीनेट को... इकट्ठा किया और एक संकेत पर, उसके सैनिकों ने सभी सीनेटरों और सबसे धनी नागरिकों को मौत के घाट उतार दिया।
चाचा और भतीजे के बीच के विश्वास को राजनीतिक महत्वाकांक्षा के लिए खत्म करना। ओलिवरॉटो ने अपने चाचा द्वारा पालने-पोसने के एहसान का बदला कृतघ्नता से दिया; उसने एक दावत में अपने चाचा और शहर के गणमान्य व्यक्तियों की हत्या कर दी और उनकी दयालुता से पैदा हुई कमजोरी का लाभ उठाया।
चाचा जियोवानी ने अपने भतीजे के प्रति अपने कर्तव्यों का पालन करने में कोई कसर नहीं छोड़ी... लेकिन सैनिक अपने छिपने के स्थानों से बाहर निकल आए और जियोवानी तथा उनके सभी साथियों को तलवार के घाट उतार दिया।
धार्मिक बहाने का उपयोग करके अपनी सेना को व्यस्त रखने वाला, निरंतर युद्धों के माध्यम से उन्हें प्रशिक्षित करने वाला और खुद के प्रति सम्मान पैदा करने वाला नेता। सेना अपने नेता की महिमा और जीत से अभिभूत रहती है।
धार्मिक आवरण के नीचे... कास्टिले के रईसों के दिमाग को भी व्यस्त रखता था, क्योंकि वे युद्ध करने की सोच रहे थे और उनके मन में विद्रोह करने का विचार तक नहीं आता था।