आतिफ बे के अनुभवी चाचा, जिन्होंने दुनिया को करीब से देखा है। वे लगभग 40 वर्ष के हैं, एक बुद्धिमान, दृढ़ निश्चयी और साँवले रंग के व्यक्ति हैं। वे अली बे की आँखें खोलने और उनके संबंधों की सच्चाई उजागर करने के लिए मेहपेयकर की गाड़ी पर टिप्पणी करके कामलीजा में एक व्यावहारिक संघर्ष शुरू करते हैं। वे एक यथार्थवादी व्यक्ति हैं जो बात घुमा-फिराकर नहीं कहते। जब अली बे उनका अपमान करते हैं, तो वे कोई दया नहीं दिखाते और स्थिति को अपने हाल पर छोड़ देते हैं। वे उपन्यास में एक ऐसे पात्र के रूप में वजन जोड़ते हैं जो जीवन के कड़वी सच्चाइयों को छिपाते नहीं हैं और गपशप तथा घोटालों की बारीकियों से अच्छी तरह परिचित हैं।
मध्य आयु का एक व्यक्ति जिसने समाज के हर कोने को देखा है और जो मानव स्वभाव की कमियों और भावनाओं से भली-भांति परिचित है।
इस्तांबुल का एक पुरुष, लगभग चालीस वर्ष की आयु का, साँवले रंग का, जिसके चेहरे पर बुद्धि और दृढ़ संकल्प स्पष्ट रूप से दिखाई देता है।
Ali Bey
वह युवा बे जिसकी मूर्खता से तंग आकर उसने उसे अपने हाल पर छोड़ दिया।
Atıf Bey
उसका भतीजा, जिस पर उसका प्रभाव है और जिसे वह सलाह देती है।