
Jane Austen
जेन ऑस्टेन की अमर कृति "प्राइड एंड प्रेजुडिस" 19वीं सदी के इंग्लैंड पर आधारित एक उत्कृष्ट रूमानी उपन्यास है, जो पाँच बेनेट बहनों के वैवाहिक प्रयासों, सामाजिक वर्ग की असमानताओं और इस बात की पड़ताल करता है कि गर्व और पूर्वाग्रह मानवीय संबंधों को कैसे प्रभावित करते हैं। यह बुद्धिमान एलिज़ाबेथ बेनेट और धनी मिस्टर डार्सी के बीच के विवादास्पद संबंधों पर केंद्रित है।
एलिज़ाबेथ की दूसरों को तुरंत आंकने की प्रवृत्ति व पूर्वाग्रहों और मिस्टर डार्सी के वर्गीय अभिमान के बीच का टकराव, जो उनके आसपास के लोगों (परिवार, झूठे मित्र, षड्यंत्रकारी शत्रु) के हस्तक्षेप के कारण एक ऐसे संकट में बदल जाता है जिसे सुलझाना आवश्यक है।
इंग्लैंड के ग्रामीण क्षेत्र और शहर; हर्टफ़र्डशायर (लॉन्गबॉर्न, नेदरफ़ील्ड, मेरिटन), केंट (रोसिंग्स, हंसफ़ोर्ड), डर्बीशायर (पेम्बरली) और लंदन।
19वीं सदी की शुरुआत (1800 का दशक)
उन्नीसवीं सदी की शुरुआत के इंग्लैंड के ग्रामीण और उच्च वर्ग के जीवन पर हावी एक व्यंग्यात्मक, सामाजिक नियमों पर अत्यधिक निर्भर, जीवंत और साथ ही वर्ग भेद से उत्पन्न तनावपूर्ण एवं आलोचनात्मक वातावरण।
अन्य पुरुष, सर्वज्ञ (omniscient) लेकिन मुख्य रूप से मुख्य पात्र एलिज़ाबेथ बेनेट की आंतरिक दुनिया और दृष्टिकोण पर केंद्रित एक व्यंग्यात्मक और हास्यपूर्ण कथावाचक।
समाज में प्रतिष्ठा और वर्गीय पहचान सर्वोपरि है; विरासत कानून के कारण महिलाओं के अधिकार सीमित होने से एक अच्छा विवाह ही उनके भविष्य की एकमात्र सुरक्षा है। किसी स्त्री या उसके परिवार की प्रतिष्ठा (जैसे लिडिया का प्रसंग) एक बार कलंकित हो जाए तो उसे पुनः प्राप्त नहीं किया जा सकता।
पितृसत्तात्मक ग्रामीण अंग्रेज़ी बुर्जुआ और कुलीन वर्ग, जहाँ महिलाओं का प्राथमिक कर्तव्य सौंदर्यपरक कलाओं में निपुण होना, गृहस्थी संभालना और धनी पुरुषों से विवाह करना था। एक ऐसी कानूनी व्यवस्था जहाँ संपत्ति केवल पुरुष उत्तराधिकारियों को ही हस्तांतरित की जाती थी (एंटेलमेंट/विरासत बंदोबस्त)।
पात्र वृत्त पर समान दूरी पर व्यवस्थित हैं; संबंध के प्रकार और उसकी गतिशीलता को पढ़ने के लिए रेखाओं पर क्लिक करें।
Bir çizgiye tıklayarak ilişki detayını açın.
शुरुआत में, वे एक-दूसरे के प्रति तीव्र पूर्वाग्रह और अहंकार के टकराव का अनुभव करते हैं। डार्सी का सामाजिक दंभ और एलिज़ाबेथ की बौद्धिक दृढ़ता आमने-सामने आ जाती है। डार्सी का एलिज़ाबेथ की कुशाग्र बुद्धि और जीवंतता के प्रति आकर्षित होना, और फिर एलिज़ाबेथ द्वारा सच्चाई (विकम के झूठ और डार्सी की गुप्त भलाइयों) को जानकर आंतरिक परिवर्तन से गुजरना, शक्ति संतुलन को एक गहरे पारस्परिक सम्मान और प्रेम में बदल देता है।
डार्सी द्वारा एलिज़ाबेथ को सच्चाई स्पष्ट करने वाले पत्र के दृश्य, जिसने कहा था, 'आपको जानने के एक महीने के भीतर ही मुझे लगा कि आप दुनिया के आखिरी आदमी हैं जिससे मैं शादी करने के लिए सहमत होऊँगी'।
यह एक निश्छल, शुद्ध और सौम्य आकर्षण है। दोनों अत्यधिक सीधे और नेकनीयत होने के कारण बाहरी प्रभावों (डार्सी और बिंगले की बहनों) के बहकावे में आकर अलग हो जाते हैं; उनके रिश्ते में तनाव भी इसी शांति और अपनी भावनाओं को खुलकर व्यक्त न करने की वजह से उत्पन्न होता है। वे हमेशा एक-दूसरे के प्रति गहरा विश्वास और प्रेम रखते हैं।
लंदन में बिंगले द्वारा मिलने न आने पर जेन के दिनों तक झेले गए मौन दुःख के बाद, बिंगले का वापस लौटना और चुपचाप स्वीकृति प्राप्त करना।
पूरी तरह से विश्वास और ईमानदारी पर आधारित एक अटूट बहनों का बंधन। एलिज़ाबेथ अपनी बड़ी बहन जेन के अत्यधिक भोलेपन और क्षमाशील स्वभाव के कारण उसके आहत होने से डरती है और उसके लिए लड़ने को तत्पर रहती है; जबकि जेन अपनी बहन के तीखे स्वभाव को संतुलित करने और चीज़ों को सकारात्मक दृष्टिकोण से देखने के लिए प्रेरित करती है।
अपनी बहन के बीमार पड़ने पर एलिज़ाबेथ का बिना सोचे-समझे घुटनों तक कीचड़ में तीन मील पैदल चलकर नेदरफ़ील्ड पहुँचना।
एक बेमेल और सम्मानहीन वैवाहिक संबंध। बुद्धिमान लेकिन आलसी व्यक्ति मिस्टर बेनेट अपनी पत्नी के उथलेपन का मज़ाक उड़ाते हैं और उन्हें गंभीरता से नहीं लेते, जबकि मिसेज बेनेट अपनी बेटियों के लिए वर तलाशने तक सीमित संकीर्ण दुनिया में अपने पति की बेरुखी की लगातार शिकायत करती रहती हैं।
मिस्टर बेनेट द्वारा 'तुम्हारे जैसे कमज़ोर तंत्रिकाओं वाले लोग ज़्यादा बात करना पसंद नहीं करते' जैसी व्यंग्यात्मक टिप्पणियों से अपनी पत्नी को खीझ दिलाना।
शुरुआत में, विकम के सहज आकर्षण और डार्सी के बुरे होने के उसके दावों के कारण यह एलिज़ाबेथ के लिए काफी दिलचस्प मित्रता होती है। किंतु डार्सी के पत्र और उपलब्ध प्रमाणों से विकम के झूठ उजागर होने पर यह बंधन पूरी तरह टूट जाता है और तीव्र घृणा व निराशा में बदल जाता है।
लिडिया के भाग जाने की खबर मिलने पर एलिज़ाबेथ का विकम के बारे में यह कहना, 'हम जानते हैं कि वह पूरी तरह से एक दुष्ट व्यक्ति है; जिसमें ईमानदारी और सम्मान का कोई नामोनिशान नहीं है'।
अतीत से चली आ रही एक गहरी शत्रुता और द्वेष। कृतघ्न और अवसरवादी विकम ने डार्सी के पिता के स्नेह का दुरुपयोग किया, दौलत की तलाश में रहा और डार्सी की पंद्रह वर्षीय बहन जॉर्जिआना को भगा ले जाने का प्रयास किया। उनके बीच पूरी तरह से एक नैतिक विरोध है।
डार्सी द्वारा एलिज़ाबेथ को लिखे गए विस्तृत स्पष्टीकरण पत्र में यह कहना कि 'जॉर्ज विकम का मुख्य लक्ष्य तीस हज़ार पाउंड का धन था और वह मुझसे बदला लेना चाहता था'।
बिंगले सौम्य और सीधे हैं, जबकि डार्सी प्रभावशाली और दृढ़निश्चयी। बिंगले अपने घनिष्ठ मित्र का अत्यधिक सम्मान करते हैं और अपने निर्णय सीधे उनकी सलाह के अनुसार लेते हैं। शक्ति का संतुलन डार्सी के पास है, परंतु डार्सी का एकमात्र उद्देश्य अपने मित्र को संभावित संकटों से बचाना है।
डार्सी का बिंगले को यह झूठा विश्वास दिलाकर हर्टफ़र्डशायर से दूर ले जाना कि जेन उनके प्रति उदासीन हैं।
लेडी के कुलीन और निरंकुश स्वभाव के आगे झुकने से इनकार करने वाला एलिज़ाबेथ का बौद्धिक विद्रोह। जहाँ लेडी कैथरीन उन्हें एक तुच्छ देहाती समझती हैं जिसे दबाया जा सकता है, वहीं एलिज़ाबेथ अपने आत्मसम्मान की रक्षा करती हैं और अपने तर्कों से उन्हें निरुत्तर कर देती हैं।
जब लेडी कैथरीन एलिज़ाबेथ को डार्सी से दूर रहने का आदेश देने लॉन्गबॉर्न आती हैं, तब एलिज़ाबेथ का यह स्वाभिमानी इनकार: 'आप मुझे डरा-धमकाकर ऐसी बेतुकी बात मानने के लिए विवश नहीं कर सकतीं'।
पूरी तरह से व्यावहारिक, नीरस और स्वार्थपूर्ण गठबंधन। शार्लोट भली-भांति जानती हैं कि उनका पति मूर्ख, चापलूस और उबाऊ है, परंतु आर्थिक तंगी से बचने के लिए वह उसे संभालना और उससे दूरी बनाकर अपनी अलग व्यवस्था बनाए रखना बखूबी जानती हैं।
जब एलिज़ाबेथ उनसे मिलने जाती हैं, तो शार्लोट का अपने पति कॉलिन्स के आमने-सामने आने से बचने के लिए अलग कमरा रखने से झलकता ठंडा किंतु व्यावहारिक दृष्टिकोण।
एक भारी असमझ और मतभेद की स्थिति। मिसेज़ बेनेट किसी भी कीमत पर अपनी बेटी का ब्याह कराना चाहती हैं, जबकि एलिज़ाबेथ ऐसे प्रेमहीन संबंध को सिरे से खारिज करती हैं जिसे वह अपने विवेक से स्वीकार न कर सकें। माँ उनके साथ मूर्ख या असभ्य जैसा व्यवहार करती हैं, जबकि एलिज़ाबेथ मन ही मन शर्मिंदगी के साथ उन्हें देखती हैं।
जब एलिज़ाबेथ मिस्टर कॉलिन्स के विवाह प्रस्ताव को ठुकरा देती हैं, तब उनकी माँ का यह हंगामा: 'यदि तुमने यह प्रस्ताव स्वीकार नहीं किया, तो तुम मुझसे कभी बात नहीं करोगी'।