
Jane Austen
जेन ऑस्टेन का उपन्यास "एम्मा", जो 1815 में प्रकाशित हुआ था और उनका व्यक्तिगत रूप से सबसे पसंदीदा उपन्यास है, ग्रामीण इंग्लैंड की पृष्ठभूमि पर आधारित व्यंग्य का एक उत्कृष्ट कार्य है। यह अमीर, चतुर और लोगों का विवाह कराने की शौकीन एम्मा वुडहाउस के इर्द-गिर्द घूमता है, जो अपने स्वयं के प्रेम जीवन और अपने आस-पास के लोगों पर अपने गलत प्रभाव के साथ तालमेल बिठाती है। दूसरों के जीवन में हस्तक्षेप करते हुए, यह चरित्र श्री नाइटली की बदौलत परिपक्वता और सच्चे प्रेम के अपने मार्ग को खोज लेती है।
एम्मा का अपनी बुद्धिमत्ता और लोगों को आसानी से प्रभावित करने की क्षमता पर अत्यधिक विश्वास के कारण अपने आस-पास के लोगों (विशेष रूप से हैरियट) के जीवन के साथ खिलवाड़ करना, और इन अहंकारी खेलों के अंत में दर्दनाक रूप से यह महसूस करना कि वह वास्तव में अपनी ही भावनाओं से कितनी अनभिज्ञ थी।
इंग्लैंड का एक ग्रामीण और संपन्न कस्बा हाइबरी तथा उससे जुड़ी हार्टफ़ील्ड हवेली, रैंडल्स और डॉनवेल एबे का परिवेश।
19वीं सदी की शुरुआत (रीजेंसी काल / रीजेंसी इंग्लैंड)
एक प्रफुल्लित, गपशप से भरा, संकीर्ण देहाती कस्बे का माहौल; जहाँ वर्ग भेद स्पष्ट रूप से खिंचे हुए हैं, लेकिन शिष्टाचार और सामाजिक नियमों की मर्यादा जीवन के हर क्षण को नियंत्रित करती है—एक ऐसा वातावरण जो ऊपर से शांत दिखता है पर भीतर ही भीतर गपशप और साज़िशों से भरा है।
सर्वज्ञ (ऑम्निशिएंट) तृतीय-पुरुष दृष्टिकोण, जो आम तौर पर घटनाओं को एम्मा के नज़रिए से देखता है तथा उसके अंधेपन और गलतफहमियों को हल्के व्यंग्यात्मक, आलोचनात्मक लेकिन साथ ही स्नेहपूर्ण लहज़े में दर्शाता है।
सामाजिक जीवन कठोर वर्गीय सीमाओं में विभाजित है; भद्रजनों, व्यापारियों और किसानों के बीच स्पष्ट रेखाएं हैं। महिलाओं के लिए एक सम्मानजनक स्थिति प्राप्त करने का एकमात्र जरिया अच्छा विवाह करना है। निर्धन हुई संभ्रांत महिलाओं के पास शिक्षिका (गवर्नेंस) बनने के अलावा कोई चारा नहीं होता। नैतिक ईमानदारी को बाहरी शिष्टाचार के नियमों के समान माना जाता है और कोई भी अनुचित आचरण इस संकीर्ण कस्बे में तुरंत एक कलंक या चर्चा का विषय बन जाता है।
ग्रामीण ज़मींदारों और धीरे-धीरे समृद्ध होते मध्यम वर्ग के बीच के संबंध; शास्त्रीय ब्रिटिश प्रांतीय पदानुक्रम जहाँ प्रतिष्ठा को धन, वंश और शिष्टाचार के समतुल्य माना जाता था।
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उपन्यास के अधिकांश हिस्से में नाइटली एक मार्गदर्शक प्राधिकारी और बड़े भाई जैसी छवि प्रस्तुत करते हैं, जो बिना किसी झिझक के एम्मा की गलतियों को उसके सामने रखते हैं और उसे सीख देते हैं। यद्यपि एम्मा कभी-कभी उनकी आलोचनाओं का विरोध करती है, फिर भी वह भीतर से उनकी स्वीकृति को बहुत महत्व देती है। यह सोचकर कि हैरियट की नज़र नाइटली पर है, एम्मा का दबा हुआ प्रेम सामने आ जाता है और उनका रिश्ता एक समान रोमांटिक स्तर में बदल जाता है।
नाइटली का यह कहना, 'जब तक मैं कह सकता हूँ, तुम्हें सच बताता रहूँगा; इससे साबित होता है कि मैं तुम्हारा सच्चा दोस्त हूँ,' और एम्मा का केवल उन्हीं के विचारों को इतना अधिक महत्व देना।
एम्मा भोली-भाली और आसानी से प्रभावित होने वाली हैरियट को एक सामाजिक प्रयोग परियोजना के रूप में देखती है; वह उसे उसके अपने वर्ग से दूर करके और ऊंचे आदर्शों (!) की ओर धकेलकर नियंत्रित करती है। यद्यपि हैरियट श्रद्धापूर्वक एम्मा पर निर्भर रहती है, अंततः वह भी अपने निर्णय लेने का साहस जुटा लेती है; मित्रता का प्रभाव कम हो जाता है और उसकी जगह एक अधिक उचित दूरी आ जाती है।
एम्मा का हैरियट को 'मैं तुम्हें अभी इस तरह चेतावनी दे रही हूँ... इसके प्रत्युत्तर में कुछ मिलने का मैं कोई दावा नहीं करती' कहकर प्रेम के मामले में उसे नियंत्रित करने के लिए बाध्य होना।
उनके बीच शक्ति का संतुलन गोपनीयता के कारण लगातार एक थका देने वाले तनाव से भरा रहता है। फ्रैंक द्वारा हाईबरी में चालाकी से फ़्लर्ट करके दूसरों का ध्यान भटकाना जेन को भावनात्मक रूप से आहत करता है। जेन का दृढ़ नैतिक दृष्टिकोण और फ्रैंक का लापरवाह व चंचल रवैया आपस में टकराते हैं, लेकिन उनका गहरा प्रेम सभी बाधाओं को पार कर लेता है।
फ्रैंक के पत्र में यह स्वीकारोक्ति होना कि, 'इस गुप्त संबंध को निभाना फ्रैंक चर्चिल की तुलना में उस बेचारी लड़की के लिए कहीं अधिक कठिन और जोखिम भरा रहा होगा।'
जहाँ एम्मा मिस्टर एल्टन को पूरी तरह से हैरियट के लिए उपयुक्त वर मानती है, वहीं अहंकारी मिस्टर एल्टन सामाजिक रूप से खुद से निम्न हैरियट को ठुकराकर सीधे अमीर एम्मा के पीछे पड़ जाते हैं। उनका अस्वीकार किया जाना एम्मा के प्रति उनके मन में कटुता पैदा कर देता है।
मिस्टर एल्टन का एम्मा से यह आपत्ति जताना, 'जब आप मौजूद हैं, तो मिस स्मिथ का ख्याल किसे आ सकता है? नहीं-नहीं, मैं अपनी प्रतिष्ठा की सौगंध खाकर कहता हूँ कि इसमें किसी भी प्रकार का कोई पाखंड नहीं है।'
हैरियट वास्तव में मार्टिन के प्रति सहानुभूति और सम्मान रखती है, लेकिन एम्मा के कड़े विरोध के कारण उसे अस्वीकार कर देती है। मार्टिन की दृढ़ता और अटूट निष्ठा अंततः हैरियट को उसी यथार्थवादी धरातल पर वापस ले आती है जहाँ से वह संबंध रखती है।
हैरियट का मिस्टर मार्टिन के पत्र पर यह कहकर हार्दिक प्रसन्नता व्यक्त करना कि 'मुझे कभी नहीं लगा था कि वह मुझसे इतना प्यार करते होंगे।'
एम्मा अपनी कमियों (विशेषकर पियानो और कला के प्रति लगन की कमी) तथा जेन की उत्कृष्ट प्रतिभा को देखकर उससे दूरी बनाना चुनती है और गुप्त रूप से उसके विरुद्ध बेबुनियाद अफ़वाहें गढ़ती है। बाद में जब वह जेन द्वारा झेली गई कठिनाइयों को समझती है, तो यह भावना एक गहरे सम्मान में बदल जाती है।
एम्मा का मन ही मन यह कहते हुए गहरा पछतावा महसूस करना, "अगर जेन फेयरफ़ैक्स के प्रति की गई मेरी भलाइयों और बुराइयों का हिसाब लगाया जाए..."
एक-दूसरे की बुद्धिमत्ता से आनंदित होने वाले दो पात्रों के बीच एक बनावटी लेकिन दिखावटी छेड़खानी शुरू होती है। फ्रैंक एम्मा को एक आड़ के रूप में इस्तेमाल करता है, जबकि एम्मा यह मानकर अपने अहंकार को सहलाती है कि वह उस पर मोहित है। जब सच्चाई सामने आती है, तो गुस्से के बजाय दोनों को आपसी राहत मिलती है।
एम्मा का मन ही मन यह कहकर अपनी भावनाएं व्यक्त करना, "मैं उसके दिखाए ध्यान की ओर खिंचती चली गई, और ऐसा दिखाया मानो मुझे इससे बहुत प्रसन्नता हुई हो... उसका असली उद्देश्य तो आसपास के हर व्यक्ति की आंखों में धूल झोंकना था।"
फूहड़ और नई-नई रईस बनी मिसेज एल्टन, शालीन जेन को अपने संरक्षण में लेने को अपनी सामाजिक प्रतिष्ठा बढ़ाने का साधन समझती हैं। जेन विवश होकर उन्हें बर्दाश्त करती है; वहीं मिसेज एल्टन धृष्टतापूर्वक यह मान बैठती हैं कि वे जेन के जीवन को नियंत्रित कर रही हैं।
मिसेज एल्टन का वह झुंझलाहट भरा स्वामित्व भाव, जिसके विषय में एम्मा मन ही मन सोचती है, "यह लड़की भी एक पहेली है... मिसेज एल्टन की निकटता से लज्जित होना और मिसेज एल्टन की छिछली बातचीत को चुनना! सचमुच एक पहेली!"